<no title>17 मई के बाद होगा           मंत्रिमंडल का विस्तार

 


 


17 मई के बाद होगा
 " शिव " मंत्रिमंडल का विस्तार


अवधेश भार्गव


मध्‍यप्रदेश में शिवराज सिंह चौहान के मंत्रिमण्‍डल विस्‍तार पर बुधवार को एक बार फिर चर्चाएं चल पड़ी हैं। आज स्‍वयं मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह ने राज्‍यपाल लालजी टंडन से मुलाकात के बाद एक मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि हां, इस लॉकडाउन के समाप्‍त होने के बाद इसके लिए सोचा जा रहा है।


बुधवार को राज्‍यपाल से मुलाकात के बाद मुख्‍यमंत्री शिवराज सिंह से क्षेत्रीय चैनल ने चर्चा की। चर्चा के दौरान जब उनसे पूछा गया तो उन्‍होंने कहा कि इस पर लॉकडाउन-3 के समाप्‍त होने और लॉकडाउन-4 में किस तरह की पांबदियां होगी और उसमें क्‍या स्थितियां रहेगी। इस पर वर्तमान में सभी जिलों से चर्चा की जा रही है। शिवराज सिंह चौहान ने इससे इंकार नहीं किया कि अभी मंत्रिमण्‍डल का विस्‍तार नही किया जा रहा। उन्‍होंने कहा कि लॉकडाउन के बाद विस्‍तार होगा।


सूत्रों ने बताया कि शिवराज सिंह चौहान ने राज्‍यपाल से मुलाकात के पूर्व आरएसएस के भोपाल स्थित मुख्‍यालय समिधा में जाकर वहां पदाधिकारियों से भी चर्चा की। उधर, केन्‍द्रीय नेतृत्‍व से भी इस संबंध में चर्चा की जा रही है। ज्‍योतिरादित्‍य सिंधिया इस संबंध में जेपी नड्डा से चर्चा करने के साथ केन्‍द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी चर्चा कर चुके हैं। माना जा रहा है कि मंत्रिमण्‍डल में सिंधिया समर्थक उन पूर्व मंत्रियों के साथ ही इस्‍तीफा देने वाले कुछ विधायकों को जगह दी जाएगी। बुधवार को ही मीडिया से चर्चा के दौरान पूर्व मंत्री इमरती देवी से जब सवाल किया गया कि मंत्रिमण्‍डल का विस्‍तार हो रहा है... तो उन्‍होंने कहा कि हां, मुख्‍यमंत्री चौहान राज्‍यपाल से मिले है तो विस्‍तार किया जा रहा होगा।


आपको बता दें कि इसके पूर्व शिवराज सिंह ने कभी भी आज जितना पॉजिटिव्‍ह रूख प्रदर्शित नहीं किया, जितना नरमी से मीडिया से चर्चा के दौरान विस्‍तार को लेकर  दिये गये जवाब में दिखाया। मंत्रिमण्‍डल में सिंधिया समर्थकों के साथ ही अन्‍य कांग्रेस उन विधायकों को भी स्‍थान मिल सकता है, जिन्‍होंने कमलनाथ सरकार को गिराने में महत्‍वपूर्ण भूमिका अदा की। वहीं बीजेपी के उन युवा विधायकों को भी इसमें जगह मिलना तय है, जिन्‍होंने बैंगलूरू में कांग्रेस के सिंधिंया समर्थकों के साथ समय बिताया। कुछ वरिष्‍ठ बीजेपी विधायकों को विधानसभा अध्‍यक्ष और उपाध्‍यक्ष पद के लिए मनाया जा रहा हैं। यह भी बताया जा रहा है कि विस्‍तार के कुछ समय के बाद ही निगम-मण्‍डलों में नियुक्तियां की जाने वाली है, जिनमें उन विधायकों को बैठाया जाएगा जो कैबिनेट में जगह नहीं पा सकेंगे। यह सब पार्टी के अंदर विरोध ना पनपे इसलिए किया जाएगा।


निगम-मण्‍डलों में उन बीजेपी नेताओं को भी जगह दी जा सकती है, जो पिछली बार बीजेपी के उम्‍मीदवार के रूप में चुनाव लड़े और कांग्रेस के तत्‍कालीन प्रत्‍याशियों से चुनाव हार गये। अब इनमें से कई बीजेपी में आ गये है, और आगामी दिनों में होने वाले उप चुनावों में बीजेपी के प्रत्‍याशी के रूप में चुनाव लड़ने वाले हैं। यहां यह भी बता दें कि कांग्रेस की ओर से ऐसे नेताओं पर डोरे डाले जा रहे है, जो पिछली बार बीजेपी से चुनाव लड़कर हार गये। और अब उप चुनाव में उनकी ही विधानसभा सीटों से कांग्रेस से बीजेपी में आए नेता चुनाव लड़ने वाले हैं।