कल से बज़ार में रौनक लौटेगी__ बाज़ार में जश्न मनाने नहीं__ ज़िम्मेदारी से आएं__

 


 


कल से बज़ार में रौनक लौटेगी__
बाज़ार में जश्न मनाने नहीं__ ज़िम्मेदारी से आएं__


हरीश मिश्र


कल शहर का 35% बाज़ार खुल जाएगा। बाज़ार में रौनक लौटेगी । दुकानों पर ग्राहक होंगे__जेब में पैसे__चेहरे पर मुस्कान होगी___ लेकिन हम सभी व्यापारियों को ग्राहक , पैसा और मुस्कान का चयन सोच समझ कर करना हैं।
दुकान खोलने आएं तो अपने बच्चों के सिर पर हाथ रख कर आएं कि हम अधिक मुनाफे के लालच में ऐसा कोई काम नहीं करें, जिससे  परिवार और शहर एक बार फिर संकट में  आए। 
शहर बहुत मुश्किल से संकट से बाहर आया हैं___ कल जब बाजार खुल रहा है तो जश्न मनाने नहीं___जि़म्मेदारी के साथ आएं । 


🎾 जरुरी काम हो तभी बजार आएं ।


🎾 बच्चों को  साथ न लाएं ।


🎾 सामान की सूची बनाएं और उस पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर व्यापारी को दें।
🎾 सामान पैक हो जाने पर व्यापारी सूचित करे ।


🎾 अधिकतर पेमेंट पेटीएम से करें


🎾 बाज़ार में सामान बहुत है , हड़बड़ी में स्टॉक ना करें।


आपकी सुरक्षा में परिवार की सुरक्षा है__


रायसेन व्यापार महासंघ, रायसेन